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Sunday, May 17, 2009

सपना अपना

ऐसा भी इक सपना जागे
साथ मेरे इक दुनिया जागे
हवा चले तो जागे जंगल
नाव चले तो नदिया जागे
दाता की दुनिया में 'नासिर'
मैं जागूँ या दाता जागे