ऐसा भी इक सपना जागे
साथ मेरे इक दुनिया जागे
हवा चले तो जागे जंगल
नाव चले तो नदिया जागे
दाता की दुनिया में 'नासिर'
मैं जागूँ या दाता जागे
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Sunday, May 17, 2009
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